Vedang Jyotisha Study & Yoga Spiritual Centre, Near By Godhulipuram Kaushal Kunj, Azamgarh National Highway, Bada Gaon, Mau-276403, Uttar Pradesh
Vedang Jyotisha Study & Yoga Spiritual Centre is a sacred space dedicated to the timeless wisdom of Vedic knowledge, spiritual awakening, and holistic well-being. Rooted in the ancient sciences of Vedang Jyotisha (Vedic Astrology) and Yoga, our centre serves as a beacon for those seeking clarity, balance, and higher consciousness in modern life.
Under the guidance of experienced spiritual mentors, the centre aims to preserve and share authentic Vedic traditions while making them practical and accessible for today’s world. We believe that true transformation begins with self-awareness, and the ancient sciences provide powerful tools to understand life’s deeper purpose.
Vedang Jyotisha is one of the six Vedangas and is considered the eye of the Vedas. It reveals the cosmic rhythm that influences human life and destiny. At our centre, we offer comprehensive astrology consultations and structured learning programs that help individuals:
Our approach to astrology is spiritual, ethical, and research-based. We emphasize not just prediction, but guidance, empowerment, and self-growth.
श्री वेंकटेश्वर सेवार्थ संस्थान ट्रस्ट के तत्वाधान में संचालित “वेदाङ्ग ज्योतिष अध्ययन एवं अध्यात्म योग साधना केन्द्र” वैदिक संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार हेतु समर्पित एक आध्यात्मिक एवं शैक्षिक केन्द्र है। यह केन्द्र उत्तर एवं दक्षिण भारतीय वैदिक परम्पराओं के अद्वितीय समन्वय के साथ सत्य सनातन धर्म के यथार्थ ज्ञान को समाज तक पहुँचाने का कार्य करता है।
यहाँ वैदिक पद्धति से भगवान की नित्य आराधना, सत्संग प्रवचन, भगवद् नाम संकीर्तन, यज्ञ–अनुष्ठान एवं धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से धर्म और संस्कृति के प्रति जन-जन में आस्था एवं विश्वास को सुदृढ़ किया जाता है। केन्द्र का उद्देश्य केवल धार्मिक क्रियाओं तक सीमित न होकर संस्कारयुक्त शिक्षा, भारतीय प्राचीन गुरुकुल परम्परा का पुनर्जीवन तथा माता-पिता एवं राष्ट्र के प्रति समर्पित, आज्ञापालक और संस्कारित कर्णधारों का निर्माण करना है।
सामाजिक उत्थान के लिए गौ-सेवा, नर-नारायण सेवा, पर्यावरण संरक्षण एवं युवाओं के लिए शिक्षा और संस्कार आधारित कार्यक्रम नियमित रूप से संचालित किए जाते हैं। गुरुकुल पद्धति को आधुनिक तकनीक के साथ समन्वित करते हुए वेद-विज्ञान के विभिन्न पक्षों पर अनुसंधान कार्य भी निरंतर जारी है।
यह केन्द्र उत्तर एवं दक्षिण भारतीय संस्कृति, धर्म, योग, अध्यात्म, वेद-विज्ञान, शास्त्रीय संगीत, वैदिक यज्ञ-कर्म, ज्योतिष, कर्मकाण्ड, दर्शन, धर्मशास्त्र, श्रीमद् भगवद् गीता, रामायण, श्रीमद् भागवत महापुराण जैसे पौराणिक ग्रंथों का एक अद्वितीय और समग्र समन्वय स्थापित करता है।
“वेदाङ्ग ज्योतिष अध्ययन एवं अध्यात्म योग साधना केन्द्र” केवल ज्योतिष परामर्श का स्थान नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक ज्ञान एवं मानवीय मूल्यों की पुनः स्थापना का एक व्यापक एवं सतत प्रयास है। धर्म का उद्देश्य आत्मा और लोक दोनों का कल्याण करना है— इसी सेवा भाव एवं संकल्प के साथ यह केन्द्र निरंतर समाज सेवा में कार्यरत है।
आचार्य पं० ध्रुव जी भाई उपाध्याय सनातन धर्म, वैदिक परंपरा एवं आध्यात्मिक साधना के समर्पित विद्वान आचार्य एवं प्रवचनकर्ता हैं। वेद, वेदांग, ज्योतिष, कर्मकाण्ड एवं धर्मशास्त्र के गहन अध्ययन के साथ समाज में धर्म, संस्कार एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।
सनातन धर्म के शुद्ध स्वरूप का प्रचार-प्रसार, युवाओं में संस्कार एवं राष्ट्रनिष्ठा का विकास तथा वैदिक ज्ञान को सरल भाषा में जन-जन तक पहुँचाना आचार्य जी का प्रमुख उद्देश्य है। धर्म, योग, अध्यात्म, ज्योतिष, गीता, रामायण एवं भागवत जैसे ग्रंथों के माध्यम से आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।
गौ-सेवा, नर-नारायण सेवा, पर्यावरण संरक्षण एवं संस्कारयुक्त शिक्षा के माध्यम से समाज उत्थान हेतु निरंतर कार्य किया जा रहा है। गुरुकुल परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ते हुए वेद-विज्ञान के अध्ययन एवं अनुसंधान को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
यह केन्द्र केवल ज्योतिष परामर्श तक सीमित नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक ज्ञान एवं मानवीय मूल्यों की पुनः स्थापना का एक व्यापक प्रयास है। उत्तर एवं दक्षिण भारतीय वैदिक परंपराओं का अद्वितीय समन्वय यहाँ देखने को मिलता है।